आज ३१ जून दिन शनिवार साल २०१३ है। कभी-कभी मां-बाप को न चाहते हुए भी अपने बीमार बच्चे की अच्छी सेहत के लिए उसे कड़वी दवा देनी पड़ती है। दवा देते वक्त बच्चा मां-बाप की भावनाओं को नहीं समझ पाता। ऐसा ही कुछ आज मेरे साथ हो रहा है। मैं भी किसी बीमार और बिगडै़ल बच्चे को कड़वी दवा देने जा रहा हूं। इसकी घोषणा यहां पर इसलिए करनी पड़ रही है क्यों कि मैं जानता हूं वो बिगडै़ल बच्चा मेरी भावनाओं को नहीं समझेगा। अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं उस बिगडै़ल बच्चे से कहना चाहूंगा, 'मैं गलत नहीं हूं, मेरे ऐसा करने के पीछे का कारण सिर्फ और सिर्फ तुम्हारा उज्ज्वल भविष्य हैÓ। उम्मीद तो नहीं कर सकता लेकिन फिर भी हिम्मत बांधता हूं की तुम मुझको समझोगे।
Friday, May 31, 2013
कड़वी दवा
आज ३१ जून दिन शनिवार साल २०१३ है। कभी-कभी मां-बाप को न चाहते हुए भी अपने बीमार बच्चे की अच्छी सेहत के लिए उसे कड़वी दवा देनी पड़ती है। दवा देते वक्त बच्चा मां-बाप की भावनाओं को नहीं समझ पाता। ऐसा ही कुछ आज मेरे साथ हो रहा है। मैं भी किसी बीमार और बिगडै़ल बच्चे को कड़वी दवा देने जा रहा हूं। इसकी घोषणा यहां पर इसलिए करनी पड़ रही है क्यों कि मैं जानता हूं वो बिगडै़ल बच्चा मेरी भावनाओं को नहीं समझेगा। अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं उस बिगडै़ल बच्चे से कहना चाहूंगा, 'मैं गलत नहीं हूं, मेरे ऐसा करने के पीछे का कारण सिर्फ और सिर्फ तुम्हारा उज्ज्वल भविष्य हैÓ। उम्मीद तो नहीं कर सकता लेकिन फिर भी हिम्मत बांधता हूं की तुम मुझको समझोगे।
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